नवोन्मेष … कुछ तो कहो I Season 5

कविता भावनाओं और संवेदनाओं के पुष्पों से बनी एक माला है, जिसकी सुंदरता और सुगंध आपके के और हमारे ; मनोभावों और विचारों को सहजता के साथ व्यक्त करती है। नवोन्मेष … कुछ तो कहो ! इसी माला में नए लोगों को उनकी रचनाओं के साथ पिरोने की एक कोशिश है.


लखनऊ में साहित्यिक संवाद 

नवोन्मेष … कुछ तो कहो,  साहित्य की हर विधा का स्वागत करता है। इस विधा से  जुड़े लोगों को एक मंच प्रदान करता है , जो की लखनऊ में साल में प्रत्येक  त्रैमासिक  होता है. नवोन्मेष की विशेषता ये है, कि यहाँ, एक संवाद होता है।  एकालाप के स्थान पर, वार्तालाप को महत्व दिया जाता है।  


नवोन्मेष …  कुछ तो कहो का स्वरूप 

यहाँ लगभग १०  लोग वक्ता होतें हैं, जैसे कवि , कहानीकार , संगीत से  और उसके बाद कुछ अनुभवी लोग पूरे कार्यक्रम का विश्लेषण करतें हैं. हमारा उद्देश्य साहित्य को इंटरनेट के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाना है , जो समाज और देश के बारे में एक अच्छा काम कर रहें हैं।


नवोन्मेष … कुछ तो कहो सत्र ५ के वक्ता 

नवोन्मेष के हम ४ सत्र पूरे कर चुकें हैं।  २४ मार्च २०१९ को नवोन्मेष का पाँचवाँ सत्र है।  

इस सत्र में चर्चा का विषय :वार्तालाप का विषय 

स्थान : digitalashish.com , लखनऊ  समय : शाम ०६:०० से ०८:०० 


नवोन्मेष … कुछ तो कहो के सहयोगी 

इस कार्यक्रम को सहयोग देने वाले कुछ स्कूल हैं, ऑनलाइन किताब पब्लिश करने वाली संस्था और आईटी कम्पनियाँ, और स्वास्थ  से जुड़े लोग और संस्था , कला , समाज सेवी संस्था और फोटोग्राफी से लोग  सम्मिलित हैं।  


नवोन्मेष … कुछ तो कहो के कुछ यादें 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Skip to toolbar